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ई-कॉमर्स से रिटेल में कदम रखना किसी भी बिज़नेस के लिए एक बड़ा फैसला होता है। इसका फायदा भी बड़ा हो सकता है, बड़े होलसेल ऑर्डर हासिल करने, ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचने और नए मार्केट्स में बिज़नेस का विस्तार करने के मौके मिलते हैं। हालांकि, इस बदलाव को सफल बनाने के लिए एक मजबूत रणनीति और सोच-समझकर की गई प्लानिंग बेहद जरूरी है।
हेडे कैनिंग कंपनी (Heyday Canning Co.) की सह-संस्थापक कैट कावनर ने Shopify Masters के एक एपिसोड में कहा,
“आपको यह बिल्कुल स्पष्ट रूप से बताना होगा कि आपका प्रोडक्ट किस तरह अलग और बेहतर है और वह कैटेगरी में ऐसा क्या नया लेकर आता है, जो फिलहाल रिटेलर्स के पास उपलब्ध नहीं है, अगर आप इन बातों को स्पष्ट और प्रभावशाली तरीके से पेश कर पाते हैं, तो स्टोर की शेल्फ़ पर जगह हासिल करने की आपकी संभावना काफी बढ़ जाती है।”
जानें Heyday Canning Co. ने अपने प्रोडक्ट्स को Whole Foods की शेल्फ़ तक कैसे पहुँचाया। साथ ही, Ridge, Aloha और Stoked Oats जैसे ब्रांड्स के फाउंडर्स से जानें कि उन्होंने रिटेल स्टोर्स में अपने प्रोडक्ट्स की जगह बनाने के लिए कौन-सी रणनीतियाँ अपनाईं।
अपना प्रोडक्ट स्टोर्स में लाने के 10 कदम
- आप होलसेल के लिए तैयार हैं या नहीं तय करें
- किन रिटेलर्स को टारगेट करना है
- जानें आपके प्रोडक्ट को क्या खास बनाता है
- रिटेलर्स के साथ मीटिंग सेट करें
- अपनी पिच दें
- रिटेलर्स के साथ फ़ॉलो अप करें
- ऑनलाइन होलसेल मार्केटप्लेस से जुड़ें
- ट्रेड शो में हिस्सा लें
- होलसेल के विकल्प तलाशें
- अपने प्रोडक्ट्स का प्रमोशन जारी रखें
1. आप होलसेल के लिए तैयार हैं या नहीं तय करें
एक छोटे बिज़नेस के मालिक के तौर पर, अपने प्रोडक्ट को स्टोर्स में लाने की जल्दबाज़ी न करें।
सबसे ज़रूरी बात यह है कि क्या आपके पास इतना प्रोडक्ट है कि आप अपनी ऑनलाइन बिक्री और होलसेल ऑर्डर दोनों को संभाल सकें। आप ऐसी स्थिति में नहीं आना चाहेंगे जहाँ होलसेल ऑर्डर पूरे करने में व्यस्त होने की वजह से आप अपनी डायरेक्ट-टू-कंज़्यूमर (DTC) ईकॉमर्स बिक्री शिप न कर पाएँ, या बहुत ज़्यादा DTC बिक्री के कारण रिटेलर्स को सप्लाई न दे पाएँ।
अपनी मैन्युफ़ैक्चरिंग प्रक्रिया पर गहराई से नज़र डालें और आकलन करें कि होलसेल बिक्री करना लॉजिस्टिक रूप से सही है या नहीं। क्या आप अनुमानित होलसेल डिमांड को पूरा करने के लिए प्रोडक्शन बढ़ा सकते हैं? क्या आपकी सप्लाई चेन में ऐसी समस्याएँ हैं, जो प्रोडक्शन को प्रभावित कर सकती हैं? क्या आपको पहले से ही अपनी ऑनलाइन बिक्री को संभालने में मुश्किल हो रही है?
आपकी प्राइसिंग रणनीति भी इस बात पर असर डाल सकती है कि रिटेलर्स आपका प्रोडक्ट रखेंगे या नहीं। अगर आपका प्रॉफ़िट मार्जिन पहले से कम है, तो और भी कम होलसेल कीमत तय करना तब तक टिकाऊ नहीं होगा जब तक आप लागत कम न करें या कुल मिलाकर कीमतें न बढ़ाएँ।
Sugardoh की संस्थापक अलियाह मारांडिज़ को इसका अनुभव तब हुआ, जब उनकी घर पर इस्तेमाल होने वाली हेयर रिमूवल किट Ulta Beauty के स्टोर्स में पहुँची। जब Sugardoh सिर्फ़ DTC मॉडल पर काम कर रहा था, तब उसका प्रॉफ़िट मार्जिन करीब 60% था। लेकिन अलियाह को जल्द ही समझ आया कि होलसेल बिज़नेस को सफलतापूर्वक चलाने के लिए करीब 85% से 90% का मार्जिन जरूरी है।
पीछे मुड़कर देखें, तो अलियाह चाहती हैं कि उस समय किसी ने उन्हें सलाह दी होती: “शायद आपका बिज़नेस अभी रिटेल के लिए तैयार नहीं है। बेहतर होगा कि आप तब तक इंतज़ार करें, जब तक आपका मार्जिन उस स्तर तक न पहुँच जाए।”
आखिर में, यह भी सुनिश्चित करें कि आपके पास प्रोडक्ट्स के स्टोर की शेल्फ़ पर पहुँचने के बाद उनके प्रमोशन के लिए पर्याप्त बजट हो। कैट कहती हैं, “अच्छी प्लानिंग करना और यह सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है कि बड़े रिटेलर्स के साथ प्रोडक्ट लॉन्च होने के बाद उसे सपोर्ट करने के लिए आपके पास पर्याप्त फंड हो। आपको मार्केटिंग और दूसरी प्रमोशनल एक्टिविटीज़ पर खर्च करने के लिए पर्याप्त बजट की जरूरत पड़ेगी।”
2. किन रिटेलर्स को टारगेट करना है
रिटेल स्टोर्स से संपर्क करने से पहले अपने लक्ष्यों को स्पष्ट करें और सोचें कि कोई रिटेलर उन्हें हासिल करने में किस तरह मदद कर सकता है। उदाहरण के लिए, अगर आपका लक्ष्य अपने प्रोडक्ट को ज्यादा से ज्यादा जगहों पर उपलब्ध कराना है, तो किसी बड़े रिटेलर के साथ पार्टनरशिप करना बेहतर विकल्प हो सकता है। वहीं, अगर आप अपने रिटेल पार्टनर्स के साथ मजबूत और करीबी रिश्ते बनाना चाहते हैं, तो छोटे रिटेलर्स आपके लिए ज्यादा उपयुक्त साबित हो सकते हैं।
आपको यह भी अंदाज़ा होना चाहिए कि आप अपनी बॉटम लाइन को नुकसान पहुँचाए बिना कितनी इन्वेंटरी सप्लाई कर सकते हैं। "मैंने कई बेहतरीन ब्रांड्स को दिवालिया होते देखा है क्योंकि उन्होंने अपने आकार के हिसाब से बहुत बड़े होलसेल रिश्ते बना लिए," मेटल वॉलेट कंपनी रिज (Ridge) के सीईओ शॉन फ़्रैंक शॉपिफ़ाई मास्टर्स पॉडकास्ट के एक एपिसोड में कहते हैं। "[बड़े रिटेलर्स] को अभी बहुत सारा माल चाहिए होगा, और वे आपको 90 दिन या 120 दिन तक भुगतान नहीं करना चाहेंगे, और ये कैश फ़्लो साइकल आपके बिज़नेस को बर्बाद कर सकते हैं।"
इस बात पर भी विचार करें कि आपका चुना हुआ रिटेलर आपके ब्रांड से मेल खाता है या नहीं, इसका असर स्टोर में आपके ब्रांड की विज़िबिलिटी पर पड़ सकता है। प्रोटीन-बार ब्रांड अलोहा (Aloha) ने तय किया कि सीवीएस (CVS), जो हेल्दी प्रोडक्ट्स को प्राथमिकता नहीं दे रहा था, उनके लिए सही फ़िट नहीं है। "यह उनका मुख्य बिज़नेस मॉडल नहीं था," सीईओ ब्रैड शैरन शॉपिफ़ाई मास्टर्स पॉडकास्ट के एक एपिसोड में कहते हैं। "उनकी दिलचस्पी यह सुनिश्चित करने में नहीं है कि शेल्फ़ पर सबसे अच्छे प्रोटीन बार या ड्रिंक्स या पाउडर हों। उनकी दिलचस्पी यह सुनिश्चित करने में है कि फ़ार्मेसी स्टॉक हो, ब्यूटी सेक्शन स्टॉक हो और मुझे मेरा टूथपेस्ट मिल जाए।"
3. आपके प्रोडक्ट को क्या खास बनाता है
रिटेलर्स को अपने प्रोडक्ट्स की पिच देने से पहले यह स्पष्ट करना जरूरी है कि आपके प्रोडक्ट्स बाजार में पहले से मौजूद विकल्पों से किस तरह अलग और बेहतर हैं। आपके पास एक ऐसा स्पष्ट और प्रभावशाली संदेश होना चाहिए, जो रिटेलर को तुरंत समझा सके कि उसे आपके प्रोडक्ट्स को अपनी शेल्फ़ पर जगह क्यों देनी चाहिए।
उदाहरण के लिए, ज़्यादातर ग्रॉसरी स्टोर्स में डिब्बाबंद बीन्स मिलती हैं, लेकिन पारंपरिक बेक्ड बीन्स के अलावा फ़्लेवर्ड बीन्स शायद ही कभी मिलती हैं। हेडे कैनिंग कंपनी (Heyday Canning Co.) ने सुविधा के साथ गॉरमे फ़्लेवर्स का कॉम्बिनेशन पेश करके खुद को अलग किया।
कैट कहती हैं, “बहुत से लोग अच्छा खाना बनाना जानते हैं, बढ़िया स्वाद को पहचानते हैं और स्क्रैच से खाना बनाना पसंद करते हैं। लेकिन उनके पास हमेशा इसके लिए पर्याप्त समय या ऊर्जा नहीं होती। हमारा प्रोडक्ट असल में एक कैन में पूरा खाना है, जिसे हम और बेहतर बनाने की कोशिश कर रहे हैं।”
“यह ऐसी चीज़ नहीं है, जिसे आप सिर्फ़ मुश्किल समय में इस्तेमाल करें। जब भी आप बिना ज्यादा मेहनत किए स्वादिष्ट और शानदार खाना बनाना चाहें, आप इसे आसानी से इस्तेमाल कर सकते हैं।”
अपने प्रोडक्ट को अच्छी तरह समझने के साथ-साथ पूरी इंडस्ट्री की गहरी जानकारी होना भी जरूरी है। इससे आपको यह पहचानने में मदद मिलती है कि अपनी कंपनी और प्रोडक्ट को प्रतिस्पर्धियों से अलग कैसे रखा जाए।
संभावित डिस्ट्रीब्यूटर्स हमेशा कुछ नया और अलग तलाशते हैं, ऐसा प्रोडक्ट जो उनके मौजूदा पोर्टफोलियो में पहले से मौजूद न हो। अगर आपका प्रोडक्ट आसानी से कॉपी किया जा सकता है, तो बड़े प्रतिस्पर्धी आपके लिए चुनौती खड़ी कर सकते हैं। वे शेल्फ़ स्पेस हासिल करने के लिए आपसे ज्यादा खर्च कर सकते हैं या आपके मुकाबले कम कीमत पर प्रोडक्ट बेच सकते हैं।
इन बातों पर विचार करें:
- आपका प्रोडक्ट अपने शीर्ष प्रतिस्पर्धियों की तुलना में कैसा है
- क्या आप विशेष सामग्री या इंग्रीडिएंट्स का इस्तेमाल करते हैं
- क्या आप विशेष नीश (niche) को पूरा करते हैं, जैसे वीगन, ऑर्गेनिक, या एलर्जन-फ़्री प्रोडक्ट्स
- क्या आप अपने प्रतिस्पर्धियों से कम कीमत पर प्रोडक्ट दे सकते हैं
- क्या आपके प्रोडक्ट्स किसी खास डेमोग्राफ़िक को आकर्षित करते हैं
आपको अपने प्रोडक्ट के यूनीक सेलिंग पॉइंट्स (USPs) की पूरी जानकारी होनी चाहिए, ताकि आप उन्हें किसी भी समय स्पष्ट और प्रभावशाली तरीके से पेश कर सकें। साथ ही, अपने सेल्स डेटा और रीपरचेज़ रेट्स का इस्तेमाल करके यह साबित करना न भूलें कि आपके प्रोडक्ट की ग्राहकों के बीच मजबूत मांग है।
4. रिटेलर्स के साथ मीटिंग सेट करें
साइमन शॉपिफ़ाई मास्टर्स पॉडकास्ट के एक एपिसोड में कहते हैं, “रिटेलर्स को पिच देने की स्थिति तक पहुँचने के लिए सावधानीपूर्वक प्लानिंग ज़रूरी है। जैसा कि ओटमील ब्रांड स्टोक्ड ओट्स (Stoked Oats) के सह-संस्थापक साइमन डोनाटो बताते हैं, बड़े रिटेलर्स का अक्सर एक पूर्व-निर्धारित कैलेंडर होता है। एक कैटेगरी रिव्यू पीरियड होता है, आमतौर पर सालाना तो आपको अपना प्रोडक्ट लैंड करने का एक ही मौका मिलता है। वरना, आपको अगले साइकल का इंतज़ार करना होगा।" यह जानकारी आमतौर पर रिटेलर की वेबसाइट पर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध होती है।”
अगर आपका चुना हुआ रिटेलर रिव्यू साइकल के बीच में है, तो बस बैठकर इंतज़ार न करें। यह रिश्ते बनाने और सच्चे कनेक्शन स्थापित करने का सही समय है, जो आगे चलकर मीटिंग्स के लिए रास्ता तैयार करेगा।
स्टोक्ड ओट्स ने कॉस्टको (Costco) से सबसे पहले ईमेल के ज़रिए संपर्क किया। "शुरुआत एक ईमेल से हुई, एक सीधा परिचय: 'नमस्ते, मैं साइमन हूँ। मैं यह कंपनी चलाता हूँ। हम यह करते हैं। हम आपसे बात करने का मौका चाहेंगे ताकि आप क्या करते हैं, इसके बारे में और जान सकें।'
अगर आप लोकल स्टोर्स में जगह बनाना चाहते हैं, तो अनौपचारिक नेटवर्किंग के मौकों पर विचार करें। उदाहरण के लिए, अलोहा के ब्रैड ने एक रिटेल पार्टनर के साथ हॉकी मैच में शिरकत की: "हम वहाँ बैठकर बात करते थे। बिज़नेस के बारे में बात करते थे। कैटेगरी के बारे में बात करते थे। साथ मिलकर बढ़ने की बात करते थे। मैं उनसे पूछता था कि उनके लिए जीत का क्या मतलब है।"
5. अपनी पिच दें
पिचिंग आपके लिए रिटेल बायर्स के सामने अपने प्रोडक्ट की वैल्यू स्पष्ट रूप से पेश करने का मौका है। अपनी मौजूदा बिक्री के बारे में बताएँ और हाइप के अन्य स्रोतों को हाइलाइट करें, जैसे मज़बूत सोशल मीडिया फ़ॉलोइंग। अपनी ऑडियंस के बारे में जानकारी शामिल करें, यह वो डेमोग्राफ़िक हो सकती है जिसे स्टोर आकर्षित करने की कोशिश कर रहा है।
साइमन सुझाव देते हैं कि स्टोर मालिकों और रिटेल प्रतिनिधियों को शुरू में ही बातचीत में योगदान देने का मौका दें। वॉलमार्ट (Walmart) के साथ एक मीटिंग में, साइमन ने 30 मिनट की निर्धारित बातचीत में से 10 से 15 मिनट बोले। इसने उनके इन मीटिंग्स को देखने का नज़रिया बदल दिया।
“मुझे मीटिंग की शुरुआत इस तरह करनी चाहिए थी, 'नमस्ते, मेरा नाम साइमन है। मैं स्टोक्ड ओट्स का संस्थापक हूँ। हमें यहाँ बुलाने के लिए बहुत-बहुत शुक्रिया। हम आपकी कैसे मदद कर सकते हैं? आप हमारी कंपनी के बारे में क्या जानना चाहेंगे? क्या आप चाहेंगे कि मैं इतिहास बताऊँ? या कोई खास बात है जिसका जवाब मैं सीधे दे सकता हूँ?”
साइमन कहते हैं, "अब मेरी सभी मीटिंग्स इसी तरह शुरू होती हैं, बजाय इसके कि 'चलिए मैं बताता हूँ कि हम कितने शानदार हैं।”
6. रिटेलर्स के साथ फ़ॉलो अप करें
रिटेलर्स के पास अपने प्रोडक्ट सैंपल और जरूरी जानकारी छोड़ने के बाद उनसे फ़ॉलो अप जरूर करें। इससे आपका ब्रांड उनकी नजर में बना रहता है और दूसरे ब्रांड्स के बीच आपकी पहचान मजबूत होती है।
साइमन कहते हैं, “यह सब रिश्तों पर आधारित है। आप सिर्फ प्रोडक्ट नहीं बेच रहे हैं, बल्कि एक रिश्ता बना रहे हैं।”
आप जरूरत के हिसाब से कुछ बार फ़ॉलो अप कर सकते हैं। लगातार संपर्क में बने रहना यह दिखाता है कि आप अपने बिज़नेस को लेकर गंभीर हैं। जब रिटेलर को आपके जैसे प्रोडक्ट्स की जरूरत होगी, तो आपका ब्रांड उन नामों में शामिल हो सकता है जो उसे सबसे पहले याद आएं।
7. ऑनलाइन होलसेल मार्केटप्लेस से जुड़ें
इन-पर्सन पिचिंग प्रक्रिया तब सही है जब आप अपना प्रोडक्ट बड़े रिटेलर्स और छोटे लोकल स्टोर्स में लाना चाहते हैं, लेकिन होलसेल बिक्री शुरू करने के और भी तरीके हैं, जिनमें ऑनलाइन होलसेल मार्केटप्लेस शामिल हैं।
होलसेल मार्केटप्लेस विक्रेताओं को दुनिया भर के रिटेलर्स से जोड़ते हैं। इससे आपको हर स्टोर से अलग-अलग संपर्क करने या पिच करने के बजाय, एक ही जगह से कई संभावित रिटेल पार्टनर्स तक पहुँचने का मौका मिलता है।
Shopify के 2025 Merchant Survey के अनुसार, सालाना ₹9.5 करोड़ से ज्यादा कमाने वाले बिज़नेस Amazon Marketplace, Walmart Marketplace और eBay जैसे ऑनलाइन मार्केटप्लेस के जरिए बेचने की अधिक संभावना रखते थे। वहीं, B2B ऑपरेशन वाले मर्चेंट्स के लिए ट्रेड शो में हिस्सा लेना रिटेल बायर्स तक पहुँचने की एक खास तौर पर प्रभावी रणनीति के रूप में सामने आया।
फ़ेयर (Faire) छोटे बिज़नेस के लिए एक बढ़िया विकल्प है, क्योंकि यह स्वतंत्र ब्रांड्स को सपोर्ट करने पर केंद्रित है। यह आपके शॉपिफ़ाई स्टोर के बैक एंड के साथ भी इंटीग्रेट होता है, ताकि आप एक ही प्लेटफ़ॉर्म से DTC और होलसेल ऑर्डर मैनेज कर सकें।
8. ट्रेड शो में हिस्सा लें
ट्रेड शो उद्यमियों के लिए डिस्ट्रीब्यूटर्स और रिटेल बायर्स से सीधे मिलने का एक पारंपरिक और प्रभावी तरीका हैं। यहां आपको एक ही जगह पर दर्जनों संभावित रिटेलर्स से जुड़ने का मौका मिल सकता है। हालांकि, ट्रेड शो में हिस्सा लेना एक बड़ा निवेश भी हो सकता है, इसलिए इसमें कुछ जोखिम भी जुड़े होते हैं।
बूथ बुक करने से पहले एक विज़िटर के तौर पर ट्रेड शो में हिस्सा लें। इससे आपको यह समझने में मदद मिलेगी कि वहां किस तरह के प्रोडक्ट्स फीचर किए जा रहे हैं, आपके संभावित प्रतिस्पर्धी कौन हैं और कितने बायर्स इस इवेंट में आते हैं। दूसरे वेंडर्स से बातचीत करें और यह जानने की कोशिश करें कि क्या उन्हें ट्रेड शो से अच्छे कनेक्शन और बिज़नेस के अवसर मिल रहे हैं।
लागत का ध्यान रखें। ट्रेड शो में बूथ लगाने की लागत हर दिन लाखों रुपये तक पहुँच सकती है, इसलिए पहले यह सुनिश्चित कर लें कि इस निवेश से आपके बिज़नेस को पर्याप्त फायदा मिलने की संभावना है। यही वजह है कि ट्रेड शो में तभी हिस्सा लेना बेहतर है, जब रिटेल स्टोर्स में अपने प्रोडक्ट्स की बिक्री बढ़ाना आपकी बिज़नेस रणनीति का अहम हिस्सा हो।
9. होलसेल के विकल्प तलाशें
होलसेल ही आपके प्रोडक्ट को स्टोर की शेल्फ़ पर लाने का एकमात्र तरीका नहीं है।
उदाहरण के लिए, एक पॉप-अप शॉप ग्राहकों को आपके प्रोडक्ट को असल ज़िंदगी में देखने और छूने का मौका देती है, बिना किसी स्थायी लोकेशन में निवेश किए। यह खरीदारों के साथ व्यक्तिगत कनेक्शन बनाने और ग्राहकों को आपके प्रोडक्ट के साथ इंटरैक्ट करते हुए दिखाने वाला कंटेंट बनाने का भी मौका है। शॉपिफ़ाई पॉइंट-ऑफ़-सेल सिस्टम के साथ, आप व्यक्तिगत रूप से भुगतान स्वीकार कर सकते हैं।
अगर आप पारंपरिक होलसेल मॉडल अपनाए बिना नए ग्राहकों तक पहुंचना चाहते हैं, तो Shopify Collective से जुड़ने पर विचार कर सकते हैं। Shopify Collective आपको दूसरे रिटेलर्स से जोड़ता है, जो अपने स्टोरफ्रंट पर आपके प्रोडक्ट्स को फीचर कर सकते हैं। प्रोडक्ट्स की फ़ुलफ़िलमेंट की जिम्मेदारी आपकी रहेगी, जबकि ग्राहकों को एक ही इंटीग्रेटेड चेकआउट अनुभव मिलेगा।
अगर आप ज़्यादा हैंड्स-ऑन रहना चाहते हैं, तो आप अपना खुद का फ़िज़िकल स्टोर भी खोल सकते हैं। इससे आप उन ग्राहकों तक पहुँच सकते हैं जो ऑनलाइन शॉपिंग नहीं करते और खरीदारों के साथ आमने-सामने बातचीत कर सकते हैं।
10. अपने प्रोडक्ट्स का प्रमोशन जारी रखें
अपने प्रोडक्ट्स को स्टोर्स तक पहुंचाना आपके छोटे बिज़नेस को बड़ा बूस्ट दे सकता है, लेकिन बिक्री को मजबूत बनाए रखने के लिए आपको लगातार मेहनत करनी होगी। कैट कहती हैं, “स्टोर में जगह हासिल करना एक बात है, लेकिन वहां बने रहना बिल्कुल अलग चुनौती है। बने रहना कहीं ज्यादा मुश्किल है, और इसका सबसे अच्छा तरीका यही है कि आपका प्रोडक्ट वास्तव में शेल्फ़ से बिकता रहे।”
यह आपकी जिम्मेदारी है कि आपके ग्राहकों को पता हो कि वे आपके प्रोडक्ट्स कहां से खरीद सकते हैं और आप स्टोर मैनेजमेंट के साथ मजबूत रिश्ते बनाए रखें। कैट कहती हैं, “इसमें इन-पर्सन बिक्री को सपोर्ट करने के लिए हर संभव कदम उठाना शामिल है, ब्रांड अवेयरनेस बढ़ाने से लेकर, ताकि ग्राहक स्टोर में जाकर आपके प्रोडक्ट को तलाशें, और इन-स्टोर सैंपलिंग व डेमो करने तक। इसका मकसद ग्राहकों को आकर्षित करना, उन्हें अपने प्रोडक्ट का अनुभव देना और उसी समय खरीदारी के लिए प्रेरित करना है।”
मांग बनाए रखने के लिए आपको अपने ऑनलाइन बिज़नेस और मार्केटिंग स्ट्रैटेजी को भी मजबूत बनाए रखना होगा। सोशल मीडिया के जरिए अपनी ऑडियंस के साथ मजबूत कनेक्शन बनाना, पेड ऐड्स चलाना और ऑर्गेनिक मार्केटिंग पर फोकस करना, ये सभी तरीके ग्राहकों की आपके ब्रांड में दिलचस्पी बनाए रखने और लगातार बिक्री बढ़ाने में मदद कर सकते हैं।
अपना प्रोडक्ट स्टोर्स में कैसे लाएँ: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मैं अपना प्रोडक्ट रिटेल स्टोर्स में बेचने के लिए कैसे ला सकता हूँ?
अगर आप अपने लोकल एरिया के रिटेल स्टोर्स से संपर्क करना चाहते हैं, तो इन-पर्सन पिच एक प्रभावी तरीका हो सकता है। लेकिन अगर आपका लक्ष्य किसी बड़ी रीजनल या नेशनल चेन में अपने प्रोडक्ट्स को लिस्ट कराना है, तो वहां नए प्रोडक्ट्स की तलाश और खरीदारी के लिए अलग से बायर्स नियुक्त होते हैं। ऐसे में चेन की वेबसाइट चेक करें या उनके कॉर्पोरेट फ़ोन नंबर पर संपर्क करके पता करें कि संबंधित बायर कौन है और वे नए प्रोडक्ट्स की पिच किस तरीके से स्वीकार करते हैं।
मैं दुकानों से अपना प्रोडक्ट कैसे बेचूं?
बड़े रिटेलर्स के पास प्रोडक्ट्स की पिच स्वीकार करने के लिए आमतौर पर एक अधिक औपचारिक प्रक्रिया होती है। उनकी वेबसाइट चेक करें या कॉर्पोरेट फ़ोन नंबर पर संपर्क करके पता करें कि संबंधित रिटेल बायर कौन है और नए प्रोडक्ट्स की पिच किस तरीके से स्वीकार की जाती है।
मैं किसी स्टोर को अपने प्रोडक्ट की पिच कैसे दूँ?
लोकल स्टोर्स के लिए आप संभवतः व्यक्तिगत रूप से अपने प्रोडक्ट्स की पिच दे सकते हैं। हालांकि, वहां जाने से पहले थोड़ी रिसर्च जरूर करें, ताकि आपको पता हो कि सही व्यक्ति कौन है और वह आपसे मिलने के लिए कब उपलब्ध होगा। वहीं, बड़ी रिटेल चेन्स के लिए उनकी वेबसाइट चेक करें या कॉर्पोरेट फ़ोन नंबर पर संपर्क करके उनकी खरीदारी प्रक्रिया और प्रोडक्ट पिच करने के तरीके के बारे में जानकारी लें।
स्टोर मालिक अपने प्रोडक्ट्स कहाँ से लाते हैं?
रिटेल स्टोर मालिक आमतौर पर अपने प्रोडक्ट्स मैन्युफ़ैक्चरर्स, होलसेलर्स या अलग-अलग प्रोडक्ट कैटेगरी में विशेषज्ञता रखने वाले डिस्ट्रीब्यूटर्स से खरीदते हैं। इसके अलावा, वे अपने स्टोर्स के लिए यूनीक और ट्रेंडिंग प्रोडक्ट्स तलाशने के लिए ऑनलाइन मार्केटप्लेस का इस्तेमाल कर सकते हैं या ट्रेड शो में हिस्सा ले सकते हैं।
यह डेटा 2025 में ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, यूनाइटेड किंगडम, आयरलैंड, न्यूज़ीलैंड और संयुक्त राज्य अमेरिका में अंग्रेज़ी भाषा में किए गए 500 शॉपिफ़ाई मर्चेंट्स के सर्वे पर आधारित है। सभी उत्तरदाता ऐसे मर्चेंट थे, जो कम से कम 2 वर्षों से शॉपिफ़ाई प्लेटफ़ॉर्म पर अपना बिज़नेस चला रहे थे। इसलिए, ये नतीजे इस खास सैंपल के अनुभवों को दर्शाते हैं और इन्हें सभी शॉपिफ़ाई मर्चेंट्स के अनुभवों का प्रतिनिधि नहीं माना जाना चाहिए।

