कृपया ध्यान दें: कुछ लिंक्स में जानकारी अंग्रेज़ी में हो सकती है।
आपका डोमेन नेम सिर्फ़ एक URL नहीं, बल्कि एक वर्चुअल स्टोरफ्रंट होता है। यहां ऑनलाइन खरीदार आपके ब्रांड और प्रोडक्ट्स को खोजते जो हैं। अपने वेब ब्राउज़र में आपका डोमेन टाइप करने पर उन्हें वेब पर एक खास जगह, यानी आपके स्टोर पर भेज दिया जाता है।
याद रहने वाला डोमेन नेम आपके बिज़नेस को कम्पटीशन से अलग दिखा सकता है, ग्राहकों के मन में आपके ब्रांड की पहचान बनाए रख सकता है, और आपकी ऑनलाइन मौजूदगी में चार चाँद लगा सकता है।
आगे जानें कि डोमेन क्या होता है, यह कितनी तरह का होता है, और वह कैसे काम करता है।
डोमेन क्या होता है?
एक डोमेन (या डोमेन नेम) एक वेब URL (यूआरएल, या यूनिफार्म रेसोर्स लोकेटर) या पता होता है। डोमेन नेम किसी URL स्ट्रिंग में "http://" या "www." के बाद, और ईमेल एड्रेस में @ सिंबल के बाद दिखाई देते हैं।
हर डोमेन नेम नंबरों के एक अनूठे समूह से जुड़ा होता है, जिसे IP पता कहते हैं। जब आप अपने ब्राउज़र में कोई डोमेन नेम डालते हैं, तो वह DNS (डीएनएस, या डोमेन नेम सर्वर) को रिक्वेस्ट भेज देता है। DNS एक ऑटोमेटेड डिजिटल डायरेक्टरी होती है, जो उस डोमेन नेम से मेल खाने वाले IP एड्रेस को खोजती है। इसके बाद, IP एड्रेस के ज़रिए आपका कंप्यूटर उस साइट से जुड़ जाता है। यह पूरी प्रक्रिया कुछ ही सेकंड में पूरी हो जाती है।
डोमेन नेम कैसे काम करते हैं?
डोमेन नेम याद रखने और इस्तेमाल करने में आसान खास डिजिटल पते होते हैं। जब आप अपने ब्राउज़र में कोई URL डालते हैं, तो आपका डिवाइस वेब होस्ट के DNS (डीएनएस, या डोमेन नेम सिस्टम) नेटवर्क को एक रिक्वेस्ट भेज देता है। इसके बाद, DNS नेटवर्क टाइप किए गए डोमेन नेम्स से जुड़े अनूठे IP पते ढूँढकर डिवाइस को उन वर्चुअल गंतव्यों या वेबसाइटों तक भेज देता है। जब कोई अपने ब्राउज़र में आपका डोमेन नेम डालता है, तो उसे आपके वेब पेज पर पहुँचा दिया जाता है।
हर डोमेन नेम अपने आप में खास होता है। कोई भी दो वेबसाइट या बिज़नेस का डोमेन नेम बिल्कुल एक जैसा नहीं हो सकता। उदाहरण के लिए, http://website.com और http://website.org अलग-अलग वेब एड्रेस हैं, क्योंकि इनके आखिर में आने वाले .org और .com, यानी TLD (टीएलडी, या टॉप-लेवल डोमेन), अलग-अलग हैं।
डोमेन नेम के अलग-अलग हिस्से क्या होते हैं?
किसी URL के मुख्य हिस्से ये होते हैं:
- हाइपरटेक्स्ट ट्रांसफ़र प्रोटोकॉल (http://): तकनीकी रूप से यह डोमेन का हिस्सा नहीं होता। यह वेब ब्राउज़र और सर्वर के बीच जानकारी का आदान-प्रदान करता है।
- TLD (टीएलडी, या टॉप-लेवल डोमेन): .com, .edu, .gov, और .org जैसे TLD से पाठकों को वेबसाइट टाइप का अंदाज़ा लगाने में मदद मिलती है।
- रूट डोमेन: इसमें डोमेन नेम और उसका TLD शामिल होता है, जैसे website.com या website.org। पर्सनल केयर ब्रांड by Humankind का रूट डोमेन byhumankind.com है। इस उदाहरण में, "byhumankind" डोमेन नेम है और ".com" TLD है।
कुछ डोमेन में www. होता है और कुछ में नहीं। आपको "shop" या "blog" जैसे प्रीफ़िक्स वाले डोमेन भी दिख सकते हैं, जैसे shop.website.com या blog.website.com। ये प्रीफ़िक्स किसी सबडोमेन को दिखाते हैं, यानी प्राइमरी डोमेन का ऐसा हिस्सा, जिसे किसी खास उद्देश्य के लिए बनाया गया हो।
एक Shopify (शॉपिफाई) स्टोर बनाने के बारे में और जानने के लिए आप इस वीडियो को देख सकते हैं। ज़रूरत पड़ने पर सबटाइटल्स ऑन कर लें (ऑटो जेनरेट)।
डोमेन नेम्स का कौन मैनेज करता है?
इंटरनेट को दुनियाभर में एक समान तरीके से चलाने के लिए कई संगठन और सिस्टम मिलकर काम करते हैं। वे डोमेन नेम्स और IP एड्रेस के बीच तालमेल बनाए रखते हैं, ताकि कंप्यूटर एक-दूसरे को ढूँढ सकें, आपस में कनेक्ट हो सकें, और यूज़र्स को उनके मनचाहे ऑनलाइन गंतव्यों तक पहुँचाया जा सके।
ICANN (आईसीएएनएन, या द इंटरनेट कॉर्पोरेशन फ़ॉर असाइन्ड नेम्स एंड नंबर्स)
ICANN डोमेन नेम्स को मैनेज करता है। यह ग्राहकों के लिए सीधे डोमेन रजिस्टर या IP एड्रेस असाइन नहीं करता, बल्कि यह डोमेन नेम्स और IP एड्रेस की डिस्ट्रीब्यूशन से जुड़े वैश्विक सिस्टमों की कोऑर्डिनेशन करता है।
डोमेन रजिस्ट्रार
जब आप कोई डोमेन नेम खरीदने के लिए तैयार हों, तो किसी डोमेन रजिस्ट्रार की साइट पर चले जाएँ। इसे डोमेन प्रोवाइडर भी कहा जाता है। अगर वह उपलब्ध है, तो रजिस्ट्रार उस नाम को रजिस्टर करके उसे एक अनूठा IP एड्रेस दे देगा। डोमेन प्रोवाइडर्स में Shopify, OpenSRS, Hover, और GoDaddy शामिल हैं। कुछ रजिस्ट्रार वेब होस्ट का भी काम करते हैं, लेकिन डोमेन रजिस्ट्रेशन और वेब होस्टिंग दो अलग-अलग सेवाएँ होती हैं।
अपनी ईकॉमर्स वेबसाइट के लिए एक कस्टम डोमेन नेम खरीदने के बाद आप उसका इस्तेमाल एक प्रोफ़ेशनल ईमेल एड्रेस में भी कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, "sally@gmail.com" के बजाय आप "sally@yourbusinessname.com" का इस्तेमाल कर सकते हैं।
डोमेन नेम सर्वर बनाम होस्टिंग प्रोवाइडर
डोमेन नेम सर्वर और वेब होस्टिंग प्रोवाइडर, दोनों ही ज़रूरी लेकिन अलग-अलग काम करते हैं।
डोमेन नेम सर्वर
कभी-कभी इसे DNS होस्ट भी कहा जाता है। एक डोमेन नेम सर्वर एक ऑटोमेटेड फ़ोन बुक की तरह काम करता है। यह आपके ब्राउज़र में टाइप किए गए URL को उससे जुड़े IP एड्रेस से मिलाकर आपको संबंधित वेबसाइट पर पहुँचा देता है।
होस्टिंग प्रोवाइडर
वेब होस्ट के नाम से जाने जाने वाले वेब होस्टिंग प्रोवाइडर आपकी वेबसाइट की फ़ाइलों को स्टोर करके रखते हैं, ताकि इंटरनेट यूज़र्स आपके वेब एड्रेस पर उसका कंटेंट देख सकें। Shopify (शॉपिफाई) की ईकॉमर्स होस्टिंग सेवाओं की सूची से आपको अपने ट्रैफ़िक और परफ़ॉर्मेंस की ज़रूरतों के अनुसार सही प्रोवाइडर चुनने में मदद मिलती है।
डोमेन के प्रकार
दुनियाभर में 40 करोड़ से ज़्यादा डोमेन नेम रजिस्टर हैं, और यह संख्या लगातार बढ़ रही है।
आज सबसे ज़्यादा इस्तेमाल होने वाले डोमेन के कुछ प्रकार ये हैं:
TLD (टीएलडी, या टॉप-लेवल डोमेन)
इंटरनेट के शुरुआती दौर में .com स्टैंडर्ड TLD था। जैसे-जैसे डोमेन रजिस्ट्रेशन बढ़ती गई, दूसरे विकल्प भी सामने आने लगे।
जेनेरिक TLD
जेनेरिक टॉप-लेवल डोमेन किसी देश से जुड़े नहीं होते। ये सबसे आम और लोकप्रिय TLD होते हैं। इनमें ये डोमेन शामिल हैं:
- .com: जून 2026 तक दुनियाभर में रजिस्टर्ड डोमेन में .com की हिस्सेदारी लगभग आधी थी। टॉप 10 सबसे लोकप्रिय रूट डोमेन में से आठ .com डोमेन ही हैं। हालांकि .com स्टैंडर्ड डोमेन है, .shop, .store, .boutique, या .clothing जैसे विकल्प भी कई स्टोर्स के लिए काम कर सकते हैं।
- .org: "organization" (ऑर्गनाइज़ेशन) की शॉर्ट फ़ॉर्म, .org गैर-लाभकारी और धर्मार्थ संस्थाओं के बीच एक लोकप्रिय टॉप-लेवल डोमेन है। इसकी कीमत आमतौर पर .com टॉप-लेवल डोमेन के आसपास होती है। इसलिए मनचाहा .com उपलब्ध न होने पर इसे एक विकल्प के तौर पर चुना जा सकता है।
- .net: पहले के मुकाबले अब .net का इस्तेमाल कम होता जा रहा है, लेकिन कई विज्ञापनदाता और नेटवर्क ऑपरेटर आज भी .net एक्सटेंशन का इस्तेमाल करते हैं।
कभी-कभी किसी ब्रांड का नाम ही उसका डोमेन नेम होता है। उदाहरण के लिए, Shopify (शॉपिफाई) मर्चेंट Mikokos (मिकोकोस) अपने डोमेन के तौर पर mikokos.com का इस्तेमाल करता है।
कुछ ब्रांड अपने डोमेन नेम में दूसरे शब्द या वाक्यांश जोड़ देते हैं। ऐसा तब किया जाता है, जब उनका मनचाहा डोमेन नेम उपलब्ध न हो या फिर वे और भी स्पष्ट URL बनाना चाहते हों। उदाहरण के लिए, स्विमसूट ब्रांड Viera (विएरा) ने अपने डोमेन नेम में "swim" शब्द जोड़कर vieraswim.com बना लिया है।
स्पॉन्सर्ड TLD
जेनेरिक टॉप-लेवल डोमेन के अलावा कुछ स्पॉन्सर्ड TLD भी होते हैं। इन्हें शैक्षणिक संस्थानों या सरकारी संगठनों जैसे खास समुदायों के लिए बनाया गया है। इनमें शामिल हैं:
- .edu: यह TLD अमेरिका के मान्यता-प्राप्त उच्च शिक्षा संस्थानों, जैसे कॉलेजों और विश्वविद्यालयों, के लिए है। यह एक प्रतिष्ठित और सीमित डोमेन है, जिसे Educause (एडूकॉज़) द्वारा मैनेज किया जाता है, जो .edu TLD का इकलौता रजिस्ट्रार है।
- .gov: यह फ्री टॉप-लेवल डोमेन सिर्फ़ सत्यापित अमेरिकी सरकारी संगठनों के लिए ही उपलब्ध है। इसे किसी सामान्य डोमेन रजिस्ट्रार से नहीं खरीदा जा सकता।
कई अन्य टॉप-लेवल डोमेन भी उपलब्ध हैं। उदाहरण के लिए, Cash App (कैश ऐप) cash.app का इस्तेमाल करता है। .app TLD का संचालन Google करता है और इसे खासतौर पर ऐप और डेवलपर समुदाय को ध्यान में रखकर बनाया गया है।
कंट्री कोड TLD (ccTLD)
जेनेरिक टॉप-लेवल डोमेन के अलावा कई देश कंट्री कोड डोमेन का इस्तेमाल भी करते हैं। आज 308 कंट्री कोड टॉप-लेवल डोमेन इस्तेमाल में हैं।
उदाहरण के लिए, कनाडा की वेबसाइटें अक्सर .ca का इस्तेमाल करती हैं, जबकि ऑस्ट्रेलियाई वेबसाइटों पर आमतौर पर .com.au दिखाई देता है। अगर आप किसी खास क्षेत्र के ग्राहकों को सेवाएँ देते हैं, तो कंट्री कोड टॉप-लेवल डोमेन उपयोगी हो सकते हैं। Allbirds जैसे कई बड़े संगठन अलग-अलग क्षेत्रों के ग्राहकों के लिए कई ccTLD इस्तेमाल करते हैं। Allbirds.co.uk (यूके का ccTLD) पर मिलने वाला एक्सपीरियंस Allbirds.com.au (ऑस्ट्रेलियाई ccTLD) पर मिलने वाले एक्सपीरियंस से अलग है।
कुछ ccTLD पर एलिजिबिलिटी से जुड़ी पाबंदियाँ हो सकती हैं। उदाहरण के लिए, .eu एक्सटेंशन यूरोपीय बिज़नेस और नागरिकों के लिए ही है।
सेकंड-लेवल डोमेन (SLD)
आपका सेकंड-लेवल डोमेन, यानी .com (या किसी और TLD) से ठीक पहले आने वाला टेक्स्ट आपके डोमेन का एहम हिस्सा होता है। ज़्यादातर ईकॉमर्स साइटें इसके लिए अपनी कंपनी का नाम चुनती हैं। उदाहरण के लिए, shopify.com URL में “Shopify” सेकंड-लेवल डोमेन है।
सेकंड-लेवल डोमेन में अक्षर, संख्याएँ, और हाइफ़न शामिल हो सकते हैं। हाँ, सिर्फ़ अक्षरों वाले डोमेन याद रखने में ज़्यादा आसान होते हैं। उन्हें मोबाइल डिवाइस पर तेज़ी से टाइप किया जा सकता है। वे ज़्यादा भरोसेमंद भी लगते हैं।
थर्ड-लेवल डोमेन
एक थर्ड-लेवल डोमेन एक प्रीफ़िक्स होता है, जिसका इस्तेमाल कंटेंट व्यवस्थित करने के लिए किया जाता है। www. इसका सबसे आम उदाहरण है, लेकिन आपने दूसरे प्रीफ़िक्स भी देखे ही होंगे।
किसी थर्ड-लेवल डोमेन का इस्तेमाल आप स्थान, भाषा, उद्देश्य वगैरह को दर्शाने के लिए कर सकते हैं। अगर आपने कभी उत्तरी अमेरिका में Wikipedia (विकिपीडिया) ब्राउज़ किया है, तो आप शायद en.wikipedia.org पर गए होंगे। यहाँ en. बताता है कि साइट का कंटेंट अंग्रेज़ी में दिया गया है।
सबडोमेन
सबडोमेन अक्सर थर्ड-लेवल डोमेन के तौर पर दिखाई देते हैं। ये प्रीफ़िक्स किसी साइट को उद्देश्य, लोकेशन, या भाषा के आधार पर अलग-अलग सेक्शन में बाँटते हैं। उदाहरण के लिए, Hubspot शैक्षिक कंटेंट के लिए blog.hubspot.com और फ़्री डाउनलोड के लिए offers.hubspot.com का इस्तेमाल करता है।
डोमेन किस काम आते हैं?
ब्रांड पर अपना अधिकार बनाए रखें
एक अच्छा डोमेन नेम वह होता है, जो ग्राहकों को आसानी से याद रह जाए। जैसे, अगर आपका डोमेन yourbrandname.com है, तो इस डोमेन या इससे मिलते-जुलते विकल्पों को रजिस्टर करना ब्रांड पर आपका अधिकार बनाए रखने में मदद कर सकता है। डोमेन का लगातार इस्तेमाल जारी रखने के लिए उसे समय पर रिन्यू करना न भूलें।
स्वतंत्र UX/UI डिज़ाइनर Dave Smyth (डेव स्मिथ) ऑटो-रिन्यूअल चालू रखने की सलाह देते हैं: "डोमेन एक्सपायर होने के बाद उसे रजिस्ट्रेशन के लिए उपलब्ध कराने स पहले डिलीशन की एक प्रक्रिया होती है। कई बेईमान कंपनियाँ हाल ही में एक्सपायर हुए डोमेन झट से खरीद लेती हैं और उनके पुराने मालिकों से उनके बदले एक मोटी रकम माँगती हैं। एक बार किसी और ने डोमेन रजिस्टर कर लिया, तो भविष्य में उसे वापस पाना नामुमकिन हो सकता है, इसलिए अपने ज़रूरी डोमेन के ऑटो-रिन्यूअल पर हमेशा नज़र रखें।"
विश्वसनीयता स्थापित करें
आपका डोमेन आपके बिज़नेस का ऑनलाइन ठिकाना होता है। आपके ईमेल एड्रेस जैसे संपर्क के बाकी ज़रूरी माध्यमों की वह नींव भी होता है। अपने ब्रांड से मेल खाने या बिज़नस के बारे में बताने वाला डोमेन नेम चुनकर अपनी विश्वसनीयता स्थापित करें।
TLD के प्रभाव पर भी विचार करें: एक स्टडी में पाया गया कि .com को सबसे भरोसेमंद एक्सटेंशन माना जाता है, और दूसरे विकल्पों की तुलना में इसे याद रखना भी आसान होता है।
सर्च इंजन विज़िबिलिटी बेहतर बनाएँ
एक कस्टम डोमेन नेम आपके बिज़नस को और विश्वसनीय दिखा सकता है। अपनी साइट के लिए अनोखा, प्रासंगिक, और याद रखने में आसान नाम चुनने से ग्राहक आपके ब्रांड को बेहतर ढंग से पहचानकर उसकी खोज कर पाते हैं।
डोमेन में प्रासंगिक कीवर्ड शामिल करने से ग्राहकों और सर्च इंजन को आपकी साइट का उद्देश्य समझने में मदद मिल सकती है। उदाहरण के लिए, अपने आर्गेनिक प्रोडक्ट्स के बारे में बताने के लिए स्किन केयर कंपनी Satya (सत्या) satyaorganics.com डोमेन नेम का इस्तेमाल करती है।
डोमेन नेम कैसे चुनें
जिस तरह ऑफ़लाइन रिटेलर ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए अपनी दुकान को खूबसूरत बनाते हैं, उसी तरह एक अच्छा डोमेन नेम आकर्षक स्टोरफ़्रंट की तरह काम करता है और लोगों को आपके ईकॉमर्स स्टोर पर आने के लिए प्रेरित करता है।
अपना डोमेन नेम चुनते समय इन बातों का ध्यान रखें:
- उपलब्धता: डोमेन नेम सर्च करके देखें कि आपका चुना हुआ नाम उपलब्ध है या नहीं। WHOIS डेटाबेस से इसका पता लगाया जा सकता है। अगर डोमेन पहले ही रजिस्टर हो चुका है लेकिन इस्तेमाल नहीं किया जा रहा, तो उसके मालिक का पता लगाकर आप उसकी कीमत पर मोलभाव कर सकते हैं।
- बजट में: कोई डोमेन नेम उपलब्ध हो या न हो, आमतौर पर वह फ्री नहीं होता। कुछ होस्टिंग प्रोवाइडर होस्टिंग खरीदने पर एक "फ्री" डोमेन नेम दे देते हैं, लेकिन सामान्य डोमेन नेम्स की कीमत लगभग $10 से $15 प्रति वर्ष होती है। headphones.com जैसे आम शब्दों और वाक्यांशों वाले डोमेन असामान्य शब्दों की तुलना में ज़्यादा महँगे होते हैं। थोड़ी रचनात्मकता से अपनी वेबसाइट के बजट के मुताबिक़ आप एक अच्छा डोमेन नेम चुन सकते हैं।
- याद रखने में आसान: आपकी वेबसाइट खोजने या वेब ब्राउज़र में टाइप करने के लिए ग्राहक आपके डोमेन नेम का इस्तेमाल करते हैं। इसलिए कोई ऐसा नाम चुनें, जो याद रखने और लिखने में आसान हो।
- ब्रांड के अनुरूप: आपका इंटरनेट डोमेन नेम आपके ब्रांड को दर्शाता है, इसलिए उसमें अपनी कंपनी का नाम शामिल करने की कोशिश करें। उदाहरण के लिए, फ़ैशन डिज़ाइनर Tery D'Ciano (टेरी डीसियानो) की वेबसाइट terydc.com पर है।
Dave Smyth (डेव स्मिथ) कहते हैं, "इसका ज़्यादा प्रचार नहीं किया जाता, लेकिन ज़्यादातर डोमेन प्रोवाइडर एक तय अवधि के भीतर डोमेन लौटाने पर रिफ़ंड दे देते हैं। अगर आप कुछ डोमेन सुरक्षित करना चाहते हैं लेकिन अभी यह तय नहीं कर पाए हैं कि उनमें से आप किस डोमेन का इस्तेमाल करेंगे, तो यह सुविधा आपके काफ़ी काम आ सकती है।"
Shopify (शॉपिफ़ाई) के साथ अपना डोमेन लॉन्च करें
एक ऑनलाइन स्टोर सेट-अप करने के लिए आपको एक डोमेन रजिस्ट्रार, अपने डोमेन को होस्ट करने के लिए DNS सर्वर, वेबसाइट डिज़ाइन, और ईमेल व कस्टमर सपोर्ट जैसी सुविधाओं के साथ दूसरे ईकॉमर्स सॉफ़्टवेयर फ़ीचर्स की ज़रूरत होती है। इन सभी सुविधाओं को आसान बनाकर बिज़नस मैनेजमेंट को एक ही जगह पर ले जाने वाले टूल्स चुनने से अपनी साइट सेट-अप करना आसान हो जाता है।
Shopify (शॉपिफाई) से डोमेन रजिस्ट्रेशन करने पर आप एक नया डोमेन खरीदकर उसे तुरंत अपने ऑनलाइन स्टोर से जोड़ सकते हैं। इसके लिए किसी जटिल सेट-अप, थर्ड-पार्टी ऐप, या वेबसाइट बिल्डर की ज़रूरत नहीं होती।
डोमेन नेम क्या होता है: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
किसी वेबसाइट का डोमेन क्या होता है?
डोमेन वह वेब एड्रेस होता है, जिसे लोग किसी खास वेबसाइट पर जाने के लिए ब्राउज़र में डालते हैं। डोमेन नेम सिस्टम, या DNS, इस नाम को संबंधित IP एड्रेस से मिलाकर यूज़र को उस वेबसाइट के सर्वर तक ले जाता है।
डोमेन नेम और वेबसाइट में क्या फ़र्क होता है?
डोमेन नेम आपकी वेबसाइट का ऐसा वेब एड्रेस होता है, जिसे याद रखना आसान होता है। इसकी मदद से इंटरनेट यूज़र आपकी वेबसाइट को खोज पाते हैं। वहीं, आपकी वेबसाइट आपके वेब पेजों और उन पर प्रकाशित कंटेंट से मिलकर बनी होती है।
डोमेन खरीदना कितना महँगा होता है?
डोमेन खरीदने की कीमत कई बातों पर निर्भर करती है, जैसे कि आपके बिज़नेस का नाम कितना अनूठा है, आप जेनेरिक या देश-विशिष्ट टॉप-लेवल डोमेन (.com, .org, आदि) का इस्तेमाल कर रहे हैं या नहीं, और क्या आपका मनचाहा डोमेन पहले से ही किसी के पास है।
डोमेन नेम को सुरक्षित कैसे रखें?
डोमेन नेम को सुरक्षित रखने के लिए इन बेहतरीन तरीकों को अपनाएँ:
- किसी भरोसेमंद डोमेन रजिस्ट्रार का इस्तेमाल करें।
- एक SSL सर्टिफ़िकेट का इस्तेमाल करें।
- WHOIS प्राइवेसी प्रोटेक्शन चुनें।
- अपने डोमेन पर डोमेन लॉक लगाएँ।
- अपने अकाउंट पर टू-फ़ैक्टर ऑथेंटिकेशन चालू करें।
- डोमेन का ऑटोमेटिक रिन्यूअल सेट करें।
- अपनी रजिस्ट्रेशन और संपर्क जानकारी की समय-समय पर समीक्षा करें।
डोमेन नेम और URL में क्या फ़र्क होता है?
डोमेन नेम किसी साइट का मुख्य एड्रेस होता है (जैसे, shopify.com), जबकि एक URL में किसी खास पेज तक ले जाने के लिए अतिरिक्त जानकारी भी शामिल होती है। उदाहरण के लिए, shopify.com/blog URL आपको Shopify (शॉपिफाई) ब्लॉग के डोमेन पर मौजूद उसके ब्लॉग तक ले जाता है।

